ये अपाहिज लड़की आज घर-घर जाकर करती है इलाज

हर व्यक्ति के जीवन में संघर्ष होते हैं, कुछ अपने इन्हीं संघर्षों को अपनी दिक्कतें मान लेते हैं, तो कुछ इसे एक कसौटी मान कर पार करने की कोशिश करते हैं। चीन के चांगक्वींग में रहने वाली ली जुहोंग अपने पैर चार साल की उम्र में गवां चुकी थी। इसके बावजूद जुहोंग ने हिम्मत नहीं हारी बल्कि उसने बड़े होने पर अपने पहाड़ी पर बसे गांव में डॉक्टरी करनी शुरू की।

  • हुआ था एक हादसा

जुहोंग जब चार साल की थी तो सड़क पार करते वक़्त उसे एक ट्रक से टक्कर मार दी थी। उसके दोनों पैर ज़ख़्मी हो गये थे। इंफेक्शन ज़्यादा न बढ़े इसलिए डॉक्टर ने उसके दोनों पैरों को काट दिया।

  • स्टूल के सहारे चलना सीखा

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जुहोंग ने स्टूल के सहारे चलने का अभ्यास करना शुरू किया, और आठ साल की उम्र में जुहोंग स्टूल के सहारे चलने लग गई।

  • डिग्री हासिल करने से क्लीनिक तक का सफ़र

साल 2000 में मेडिकल की डिग्री लेने के बाद जुहोंग ने गांव वालडियन में ग्रामिणों के लिए इलाज की सुविधा मुहैया करवाने का काम शुरू किया। जुहोंग अपने उसी स्टूल के सहारे पहाड़ों की राहें आसानी से तय कर लेती हैं।

  • अब हो गई है शादी

अपनी ज़िंदगी में तमाम दिक्कतों के बाद फ़िलहाल जुहोंग को अपना जीवनसाथी मिल गया है। शिंजियग से मोहब्बत होने के बाद जुहोंग से उनसे शादी कर ली। शिंजियग ने अपनी नौकरी छोड़कर फ़िलहाल घर की ज़िम्मेदारी संभाल ली है। अब वो ज़िंदगी की हर राह में उनके साथ है।

Loading...
loading...
Comments