अच्छे दोस्त बनाने में बच्चों की करें मदद

किसी और घर में शिफ्ट होने या स्कूल बदलने के कारण बच्चे के दोस्त छूट जाते हैं और उसे नए दोस्त बनाने की शुरुआत करनी होती है। बच्चों को अच्छे-बुरे की उतनी समझ नहीं होती उन्हें तो सब अपने जैसे लगते हैं। प्लेग्राउंड में तरह- तरह के बच्चे खेलते दिखते हैं। उनमें आपको कुछ ऐसी बातें मिलती हैं, जो आपके बच्चे में नहीं हैं। जबकि आपका बच्चा खुद में यूनिक है। अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों के साथ करने की बजाय इन बातों का रखिए ध्यान।

  • दें पूरा अटेंशन

जब आपका बच्चा किसी परेशानी के बारे में बताता है तो उसकी बात को बिना कुछ कहे पूरे पेशेंस के साथ सुनिए। उसका हौंसला बढ़ाने के लिए आप भी अपने बचपन की कोई बात उसे सुना सकते हैं। अपने बच्चे की कमजोरियों और ताकतों को समझने की कोशिश करिए। उसे बताएं कि जो कमजोरी उसकी है, वे और बहुत सारे लोगों की होती है। बच्चों को अपनी बात को बेहतर तरीके और प्यार से समझाए।

  • रोल प्ले करे

बच्चों को बताएं कि अच्छे बच्चों और अच्छी दोस्तों में किस तरह की आदतें होती हैं, जिन्हें वे खुद में अपना सकते है। उनके साथ रोल प्ले आदि कर सकते हैं।

  • बात करने की छूट

बच्चों के लिए कुकिंग क्लास, विजिट टू अ जू, फुटबॉल खेलना आदि एक्टिविटी़ज का आयोजन करिए। अगर आपका बच्चा दूसरों से बात करने में झिझकता है, उसे दूसरों से बातचीत करने दीजिए। आपके ऐसा करने से बच्चे में भावनाएं बढ़ने लगेंगी और सोशन स्किल्स यानी समाज में दूसरे लोगों से मिलना-जुलना भी बढ़ेगा।

  • एप्रीशिएट करें

बच्चों की प्ले डेट या किचन एक्सपीरियंस के बाद उनसे उनके अनुभव जानने की कोशिश करें। सोशल स्किल्स बिल्ड करने के लिए बच्चे ने जो भी कदम उठाएं हों, उनकी सराहना करते हुए उसके फ्रेंडली बिहेवियर की तारीफ करें।

  • प्यार से समझाएं

अगर आपका बच्चा स्कूल से लौटने के बाद रोने लगे और कहे कि उसके बाकी के फ्रेंड्स को ज्यादा फ्रेंडशिप बैंड मिले है व उसे कम तो इसे रोने दें। उसके मन में भरी बातें सुनाने दें। जब वे सब सुना दें, फिर उसे समझाए।

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