सीएसआईआर लेकर आई मधुमेह की आयुर्वेदिक दवा

चंडीगढ़: मधुमेह रोगियों के लिये अच्छी खबर? वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने टाईप टू मधुमेह की देश में पहली बार वैज्ञानिक रूप से प्रामाणिक आयुर्वेदिक दवा बाजार में उतारी है।

सीआईएसआर की लखनऊ स्थित अनुसंधान इकाईयों राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधार संस्थान(एनबीआरआई) और केंद्रीय औषधीय एवं सुगंध पौध संस्थान(सीमैप) के विज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से 500 जड़ी बूटियों के गहन अध्ययन एवं अनुसंधान के बाद यह दवा विकसित की है। सीएसआईआर और एनबीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. ए. के. एस. रावन ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि दवा के चिकित्सकीय परीक्षणों में यह पाया गया है कि यह न केवल बढ़े हुये मधुमेह स्तर को नीचे लाने तथा प्रतिरक्षा क्षमता में वृद्धि करने में कामयाब हुई है बल्कि यह सुरक्षित और दुष्प्रभाव रहित भी है। इससे तिल्ली, लीवर और किडनी कार्यप्रणाली तथा लिपिड प्रोफाईल स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार सामने आये।

डा. रावत ने बताया कि दवा में मुख्य रूप से दरूहरिद्रा, गिलोय, विजयसार, गुड़मार, मजीठ और मेथी का रस सहित 34 अन्य आयुर्वेदिक घटक इस्तेमाल किये गये हैं। दवा बनाने तथा इस बाजार में वितरित करने के अधिकार आयुर्वेदिक दवा निर्माता अग्रणी कम्पनी एमिल फार्मास्युटिकल्स इंडिया लिमिटेड को प्रदान किये गये हैं। कम्पनी ने दवा की कीमत पांच रूपये प्रति गोली निर्धारित की है।

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