महज 12 क्विंटल गेहूं के बदले किया बच्ची का गैंगरेप

पाकिस्तान में गैंगरेप के मामले को कितने हल्के में लिया जाता है इसका एक जीता-जागता उदाहरण सामने आया है। यहां एक गैंगरेप केस में आरोपियों ने हर्जाने में 12 क्लिंटल गेंहू देकर मामला रफा-दफा कर दिया।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के उमरकोट जिले में कुछ दिन पहले ही 14 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी। बच्ची के भाई ने इसकी शिकायत पुलिस को दर्ज कराई थी। लड़की के पिता ने बताया कि शिकायत के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। मगर स्थानीय लोगों की सदियों से चली आ रही एक प्रथा “जिरगा” के तहत उसे यह केस 1200 किलो गेहूं के बदले वापस लेने के लिए मजबूर किया गया।

दरअसल जिस तरह भारत में कई जगहों पर खाप पंचायत होती है उसी तरह ‘जिरगा’ आदिवासी बुर्जुगों के जरिए विवादों को सुलझाने का पारंपरिक तरीका है। इसका इस्तेमाल विवादों को सुलझाने के लिए किया जाता है। इस केस में गैंगरेप के बदले लड़की के पिता को आनाज दे देना का फैसला सुनाया गया। पिता ने बताया कि जब उसने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया तो उसे परिवार समेत घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

पिता का यह भी कहना है कि लोकल मीडिया में मामले के आने के बाद स्‍थानीय प्रभावशाली लोग उसे मुंह बंद रखने और मामला वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। उमरकोट के एसएसपी को आदेश किया कि वे इस मामले की जांच करें और पीडि़त के परिवार को सुरक्षा भी मुहैया कराएं।

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