क्या आप जानते है? पुदीने के गुणों के बारे में

पुदीना एक छोटा सा पौधा होता है जो अक्सर नमी वाली जगह पर उगता है। इसमें उड़नशील तेल पाया जाताहै, जो पेपरिंमट जैसी सुगंध देता है। इसका वनस्पतिक नाम मेन्था स्पीकेटा है। वनांचलों में आदिवासी इसका इस्तेमाल कई तरह की स्वास्थ समास्याओं से छुटकारा पाने के लिए करते हैं।

पुदीना हाजमे के लिए भी अच्छा है। इसके सेवन से पाचन क्रिया दुरूस्त रहती है। हमारे यहां इसे खाने में भी इस्तेमाल किया जाता है, पुदीना की चटनी भी बनाई जाती है तो की बहुत स्वादिष्ट होती है। पुदीना शानदार एंटीबॉयटिक की तरह काम करता है। आइए हम आपको पुदीने के गुणों के बारे में बताते हैं..

पुदीने के गुण –

मुंह में बदबू आने पर पुदीने का सेवन करना चाहिए। पुदीने के रस को पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मुंह की बदबू दूर होती है। इससे मुंह में ठंडक का भी एहसास होता है। पुदीना का रस किसी घाव पर लगाने से जख्म जल्दी भर जाते हैं। यदि किसी घाव से बदबू आ रही है तो इसके पत्ते का लेप लगाने से बदबू आना बंद हो जाती है। पुदीना कई प्रकार के चर्म रोगों को समाप्त करता है। चर्म रोग होने पर पुदीना के पत्तों का लेप लगाने से आराम मिलता है। गर्मी में लू लगने के के बाद पुदीने का सेवन करना चाहिए। लू लगने पर रोगी को पुदीने का रस और प्याज का रस देने से फायदा होता है।

हैजा होने पर पुदीना बहुत फायदा करता है। हैजा होने पर पुदीना, प्याज का रस, नींबू का रस बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। उल्टी होने पर आधा कप पुदीना का रस हर दो घंटे पर रोगी को पिलाइए, इससे उल्टी आना बंद हो जाएगा। अजीर्ण होने पर पुदीने का रस पानी में मिलाकर पीने से फायदा होता है। पेटदर्द होने पर पुदीने को जीरा, हींग, काली मिर्च में नमक मिलाकर पीने से पेट का दर्द समाप्त हो जाता है।

महिला को प्रसव के समय पुदीने का रस पीना चाहिए, इससे आसानी से प्रसव हो जाता है। बुखार होने पर पुदीना पीना चाहिए, इससे बुखार में फायदा होता है। बुखार में पुदीने को पानी में उबालकर थोड़ी चीनी मिलाकर उसे गर्म-गर्म चाय की तरह पीना चाहिए। हिचकी आने पर पुदीना का प्रयोग करना चाहिए, इससे हिचकी आना बंद हो जाता है। ताजा-हरा पुदीना पीसकर चेहरे पर बीस मिनट तक लगा लें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इससे त्वचा की गर्मी समाप्त होती है।

Loading...
loading...
Comments