इन विषयों में डरे तो एससीसी पेपर में खा जाएंगे मात

स्टाफ सिलेक्शन कमिशन (एसएससी) देश भर में विभिन्न मंत्रालयों, सरकारी कार्यालयों और विभागों में अनेक पदों पर नियुक्ति करता है। हर साल लाखों उम्मीदवार एसएससी द्वारा घोषित रिक्तियों के लिए आवेदन करते हैं।

परीक्षा के स्तर और पद के हिसाब से उम्मीदवारों से विभिन्न पेपर्स से प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि आप भी एसएससी की परीक्षा देने का इरादा रखते हैं, तो सबसे पहले तो आपको परीक्षा का पैटर्न तथा सिलेबस अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। शुरुआत में ही यह देख लें कि आपकी कमजोर कड़ी कौन-सी है और उसे दुरुस्त करने में जुट जाएं। कई उम्मीदवारों को इंग्लिश लैंग्वेज पेपर में मुश्किल पेश आती है क्योंकि उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के चलते इंग्लिश में वे कमजोर होते हैं।

ऐसे में उन्हें यह डर सताता है कि कहीं इंग्लिश लैंग्वेज पेपर में कम अंक आने की वजह से वे सिलेक्शन के अगले दौर में पहुंचने से वंचित न रह जाएं। इस डर के चलते कई उम्मीदवारों की तैयारी पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और वे बेवजह अंक गंवा बैठते हैं। इसी प्रकार कई उम्मीदवार क्वॉन्टिटेटिव एप्टिटयूड पेपर से खौफ खाते हैं। कारण यह कि गणित का डर परीक्षार्थियों में आम है। यदि आपके मन में भी इंग्लिश या क्वॉन्टिटेटिव एप्टिटयूड का डर है, तो बेहतर होगा कि आप इस डर को दूर करने के लिए कोई तरीका पहले ही ईजाद कर लें। इन विषयों की तैयारी को थोड़ा ज्यादा समय दें।

क्वॉन्टिटेटिव एप्टिटयूड

जैसा कि नाम से ही जाहिर है, इस पेपर में मैथेमेटिकल ऑपरेशंस और एप्लिकेशंस से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों का स्तर इस पर निर्भर करता है कि आप कौन-सी परीक्षा दे रहे हैं। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन विभिन्ना स्रोतों से पता कर सकते हैं कि आप जो परीक्षा देने जा रहे हैं, उसका सिलेबस क्या है और उसमें किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। आप खुद को मानसिक तौर पर इस बात के लिए तैयार कर लें कि आपको परीक्षा में कुछ ऐसे भी सवालों का सामना करना पड़ेगा, जो आपके कंफर्ट जोन के बाहर के हैं।

इस पेपर में उत्तर देने के मामले में आपकी गति और एक्यूरेसी भी मायने रखती है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि आप कम समय में प्रश्न हल करने की तरकीबें, तरीके और रणनीति सीखें। इसमें विभिन्न प्रिपरेटरी और गाइड बुक्स आपकी मदद कर सकती हैं। नियमित रूप से प्रश्न हल करने का अभ्यास करेंगे, तो आपको तमाम फॉर्मूले और तकनीकें अच्छी तरह याद हो जाएंगीं। इन परीक्षाओं में मैथमेटिक्स के बेसिक्स से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। आप सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी स्तर की गणित की किताबों से पढ़कर अपनी तैयारी को रिवाइज कर सकते हैं।

इंग्लिश लैंग्वेज

हमारे देश में इंग्लिश लैंग्वेज पेपर भी अनेक परीक्षार्थियों के डर का कारण होता है। कई स्कूलों में इंग्लिश की पढ़ाई अच्छी तरह नहीं हो पाती। वहीं, बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसके प्रति समझ विकसित नहीं कर पाते। खास तौर से छोटे शहरों के उम्मीदवार इंग्लिश ग्रामर और सेंटेंस फॉर्मेशन के मामले में मात खा जाते हैं। इससे उबरने के लिए कई उम्मीदवार इंग्लिश क्लासेस जॉइन करते हैं और इंग्लिश की टेक्स्ट बुक्स पढ़ते हैं मगर इतने भर से बात नहीं बन पाती। जरूरत होती है गहराई में जाकर भाषा की बेसिक्स को समझने की। आप ग्रामर पर अधिक फोकस करें और ‘टेन्सठ के बारे में अच्छी तरह समझ लें।

लिखने का अभ्यास नियमित रूप से करें, जिससे कि आपकी सेंटेंस फॉर्मेशन स्किल सुधर जाएगी। साथ ही, जहां से भी मिले, इंग्लिश पढ़ने की आदत जरूर डालें। पढ़ने की आदत डालने से आप नए-नए शब्द सीख सकेंगे और साथ ही सेंटेंस फॉर्मेशन की तकनीकें भी। जब भी कोई नया शब्द पढ़ें, तो उसे एक जगह नोट कर लें और उसके सामने उसका अर्थ भी नोट करें। फिर इन शब्दों और इनके अर्थ को याद करने की कोशिश करें। साथ ही इंग्लिश लैंग्वेज पेपर को हल करने के लिए विभिन्न ऑनलाइन व ऑफलाइन स्रोतों को भी खंगालें। इससे आपमें परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों और उनके हल के बारे में बेहतर समझ विकसित होगी।

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