इस तरह करें बैंक पीओ परीक्षा की तैयारी

बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर (पीओ) की परीक्षा में क्वॉन्टिटेटिव एप्टिटयूड (क्यूए) एक महत्वपूर्ण सेक्शन होता है। कई विद्यार्थी इसे ‘अनक्रैकेबल सेक्शन भी मानते हैं, लेकिन यह धारणा सही नहीं है। अगर सही मानसिकता व मेहनत से इसकी तैयारी की जाए, तो बेहतरीन स्कोर्स लाए जा सकते हैं। ज्यादातर बैंकिंग एस्पिरेंट्स क्वॉन्टिटेटिव एप्टिटयूड का सिलेबस देखते ही घबरा जाते हैं और उसे जरूरत से ज्यादा हौआ बना देते हैं। उनका यही रवैया परीक्षा में अच्छे स्कोर्स लाने में सबसे बड़ा रोड़ा साबित होता है। बैंक परीक्षा में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका एकेडमिक बैकग्राउंड क्या है। अगर आपने प्रैक्टिस के साथ-साथ सही प्लानिंग भी की है, तो इस सेक्शन में आप अच्छा स्कोर कर सकते हैं।

जरूरी है प्लानिंग

क्वॉन्ट्स सेक्शन की तैयारी के लिए सही प्लानिंग बहुत जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले तो आप एक सूची बनाएं, जिसमें अपने हिसाब से मैथ्स के मुश्किल और आसान टॉपिक्स लिखें। जो टॉपिक्स आपको ज्यादा आसान लगते हैं, उनके हर लेवल के प्रश्न हल करें और रोज 1 घंटा सिर्फ ईजी टॉपिक्स का रिविजन करें। जो टॉपिक्स आपको कठिन लगते हैं, उनके बेसिक लेवल के प्रश्न हल करें। इसके लिए आप 7वीं या 8वीं क्लास की मैथ्स बुक्स की मदद लें। बेसिक लेवल से तैयारी करते हुए कठिन प्रश्नों पर आएं। ऐसे टॉपिक्स की प्रतिदिन 2 घंटे प्रैक्टिस जरूर करें। इस तरह दिन में 3-4 घंटे प्रतिदिन मैथ्स की प्रैक्टिस करने से क्वॉन्ट्स को लेकर आपका फोबिया कम होगा और परीक्षा में आप अच्छा स्कोर ला पाएंगे।

स्पीड बढ़ाएं

बैंकिंग की परीक्षा में स्पीड काफी मायने रखती है। इसलिए जब भी स्पीड टेस्ट्स दें या ऑफलाइन पिछले वर्षों के पेपर्स हल करें, तो स्पीड बढ़ाने पर जोर दें। अब तो आईबीपीएस ने हर सेक्शन के लिए अलग समय निर्धारित किया है और परीक्षार्थियों को उसी समय सीमा में प्रश्न हल करने हैं। साफ है कि परीक्षा में स्पीड का महत्व रहेगा। अगर आपको परीक्षा में अच्छा स्कोर करना है, तो स्पीड से समझौता न करें। ऑफलाइन प्रैक्टिस करते समय टाइमर की सहायता लें और देखें कि कौन-सा प्रश्न हल करने में आपको ज्यादा समय लगता है। फिर अपने कैलकुलेशन की स्पीड बढ़ाकर समय कम करने की कोशिश करें। इस तरह प्रैक्टिस करने से आपका प्रदर्शन बेहतर होगा। कैलकुलेशन के समय को कम करने के लिए टेबल्स, स्क्वेयर रूट्स और क्यूब रूट्स अच्छी तरह से याद करें।

एक्यूरेसी भी जरूरी

दूसरे सेक्शन्स की तरह क्वॉन्टिटेटिव एप्टिटयूड में भी एक्यूरेसी काफी मायने रखती है। उत्तर ऑप्शन्स में दिए गए उत्तरों के कितना भी करीब क्यों न हो, कभी भी गेस करके उत्तर मार्क न करें क्योंकि यह जरूरी नहीं आपका उत्तर सही हो। इस रवैये के साथ प्रश्न हल करने से निगेटिव मार्किंग की संभावना बढ़ेगी और आपके कुल स्कोर कम हो जाएंगे। कोशिश करें कि आपने जितने भी प्रश्न हल किए हों, वे सभी सही हों क्योंकि बैंकिंग की परीक्षा में एक्यूरेसी काफी मायने रखती है।

जल्दबाजी में गड़बड़ न हो

कई परीक्षार्थी स्पीड बढ़ाने के चक्कर में जल्दबाजी में प्रश्न हल करते हैं, जिससे कैलकुलेटिव मिस्टेक्स होती हैं और उत्तर गलत आता है। जब ऑप्शन्स में उन्हें अपना उत्तर नहीं दिखता, तो वे घबराने लगते हैं। अगर प्रश्न बहुत लंबा हुआ, तो दोबारा से उसे हल करने का समय भी नहीं रहता। जब किसी परीक्षार्थी के साथ ऐसा लगातार तीन-चार प्रश्नों में होता है, तो वह कन्फ्यूज हो जाता है और उसका एग्जाम फोबिया बढ़ने लगता है। इस तरह समय भी खत्म हो जाता है। इस स्थिति से बचने के लिए सबसे पहले प्रश्न को ध्यान से पढ़ें। स्टेप-बाय-स्टेप कैलकुलेशन करें और यूनिट्स का खयाल जरूर रखें। साथ ही कन्वर्जन्स भी ध्यान से करें। हड़बड़ी में प्रश्न हल करने से गलती होने की संभावना भी ज्यादा रहती है।

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