क्या आपका परफेक्ट वजन है ..?

अपने फिगर को लेकर तो आपको चिंता रहती है, पर क्या कभी अपने वजन की चिंता हुई है? क्या कभी आपको चिंता हुई है कि आपका वजन विभिन्न मापदंडों के मुताबिक सटीक है या नहीं। क्यों जरूरी है लंबाई के अनुपात में वजन का सटीक होना। आप अपने वजन को लेकर हम अक्सर चिंतित तो रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद हममें से कितने लोग होंगे, जिन्हें अपने आदर्श शारीरिक वजन की जानकारी होगी? सवाल यह है कि अपने आदर्श वजन की जानकारी होना क्यों जरूरी है? इस प्रश्न का जवाब यह है कि आदर्श वजन के आधार पर आप यह जान पाएंगी कि आप किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी खतरे से जूझ रही हैं या नहीं।

» क्यों जरूरी है परफेक्ट वजन?

हेल्दी वजन या परफेक्ट वजन का मतलब है बॉडी मास की तुलना में बॉडी फैट की मात्रा ठीक होना। यानी आपका वजन आपकी लंबाई के अनुपात में ठीक है या नहीं। वजन ठीक है तो आप न सिर्फ अपनी उम्र से कम दिखेंगी, बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल को भी आसानी से अपना सकेंगी। दूसरी ओर, ओवरवेट या स्थूलकाय यानी मोटा-ताजा होना कई बीमारियों की आशंका को बढ़ाता है। भारतीय शहरों के लगभग 65 प्रतिशत युवा आज या तो ओवरवेट हैं, स्थूलकाय हैं या फिर मोटापे से परेशान हैं। ऐसे लोग दिल की बीमारियों, उच्च रक्तचाप, टाइप टू डायबिटीज, ऑस्टियो ऑर्थराइटिस, कुछ खास तरह के कैंसर, सांस लेने से जुड़ी परेशानियों से पीडि़त हैं या फिर इन बीमारियों से पीडि़त होने के कगार पर हैं। विशेषज्ञ मोटापे को मापने के लिए बीएमआई को सही पैमाना मानते हैं। बहुत से प्रशिक्षक बीएमआई को मापने के लिए केवल कमर की माप लेने के बजाय कमर और कूल्हे के अनुपात को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।

» बीएमआई पर रखें नजर

बॉडी बिल्डर्स और बुजुर्गो के लिए बीएमआई के इस मानक को मान्य नहीं माना जाता है। बीएमआई पर नजर रखकर आप अपने वजन पर खुद भी नियंत्रण रख सकती हैं। यदि आप ओवरवेट हैं या फिर मोटापे की शिकार हैं तो पहले खुद को और मोटा होने से रोकें, तभी बाद में आप अपना वजन कम करने पर ध्यान दे पाएंगी। यदि आपका बीएमआई रेंज हेल्दी है तो अच्छी डाइट और एक्सरसाइज प्लान के जरिये बाद में आप अपना वजन बढ़ा भी सकते हैं।

यदि आपका बीएमआई आपको हेल्दी वेट वाला बताता है तो आपकी कमर की माप लेना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर आपकी कमर का साइज 80 सेंमी से ज्यादा है तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त होने की आशंका आपमें ज्यादा है। महिलाओं में कमर और उससे निचले हिस्से में वसा बढ़ने की आशंका ज्यादा रहती है। अपने कमर के साइज को मापने के लिए सीधे खड़े होकर टेप से आप हिप बोन्स के ठीक ऊपर का हिस्सा मापें। ऐसा सांस छोड़ने के तुरंत बाद करें। शोध बताते हैं कि यदि आप लंबे समय से ओवरवेट हैं तो पांच से 15 प्रतिशत तक वजन कम करने से भी आपका स्वास्थ्य काफी बेहतर हो सकता है।

» ऐसे जांचें अपनी बीएमआई

मोटापे की जांच का अन्तर्राष्ट्रीय मानक बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स है। आपकी बीएमआई क्या है, इसे मांपने के लिए अपने वजन को अपनी लंबाई (इंच में) से डिवाइड करें। बीएमआई के आधार पर आप जांच सकती हैं कि आपका वजन सामान्य है या सामान्य से ज्यादा। भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय के मानकों के अनुसार सामान्य बीएमआई 23 से कम है, ओवरवेट 23 से ज्यादा और 25 से ज्यादा बीएमआई वालों को मोटापे से ग्रसित की श्रेणी में रखा गया है।

» ब्रेस्टफीडिंग करवाएं दशकों तक स्लिम रहें

लंबे समय से कहा जाता रहा है कि बच्चे को दूध पिलाना न सिर्फ बच्चे के लिए, बल्कि मां के लिए भी फायदेमंद होता है। अब एक नया शोध यह दावा कर रहा है कि इससे मां दशकों तक स्लिम भी रह सकती है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि ऐसी महिलाएं जो महज कुछ माह के लिए भी अपने बच्चे को अपना दूध पिलाती हैं, 30 साल बाद भी मोटापे की शिकार होने की आशंका उनमें कम होती है। शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि छह माह तक बच्चे को अपना दूध पिलाने वाली मां का वजन हर माह औसतन दो पाउंड या उससे कुछ कम घटता है। वजन घटने की यह मात्र देखने में कम भले ही लगे, पर शोधकर्ताओं का मानना है कि इससे कैंसर, दिल की बीमारी, मोटापा और इस तरह की अन्य बीमारियों से हर साल होने वाली हजारों मौतों को रोका जा सकता है।

Loading...
loading...
Comments