असामान्य ठंग से धड़कता तो नहीं है आपका दिल

दिल के धड़कने का सीधा संबंध हमारे जीवन से होता है जब तक यह धड़कता है हम जिंदा रहते हैं और जब यह धड़कना बंद कर देता है तो हमारी मृत्यु हो जाती है। यही नहीं, दिल की धड़कन का सामान्य गति से धड़कना भी हमारे लिए आवश्यक होता है। क्योंकि जब दिल की धड़कन सामान्य से ज्यादा या कम हो जाती है। तब भी हमारा जीवन खतरे में पड़ जाता है। दिल की धड़कन का सामान्य गति से अधिक या कम होना एक गंभीर समस्या होती है।

हमारा दिल एक मशीन की तरह बिना रुके लगातार काम करता रहता है अर्थात धड़कता रहता है। सामान्य तौर पर दिल के धड़कने का हमें अहसास ही नहीं होता है और यह शांति से अपना काम करता रहता है। परन्तु कभी-कभी किन्हीं विशेष परिस्थितियों में व्यक्ति अपने दिल की धड़कनों को भी महसूस करने लगता है जिसमें व्यक्ति को दिल का धड़कना सामान्य से कुछ अलग मालूम देता है। जैसे एक-दो धड़कनें तेज होने के पश्चात एक धड़कन छूटती सी महसूस होती है जिसकी वजह से व्यक्ति को एक अजीब सी अनुभूति होती है और वह हृदय रोग की आशंका से भयभीत हो जाता है।

कई व्यक्तियों की तेज धड़कनों के कारण नींद उड़ जाती है और वे इस आशंका से ग्रस्त हो जाते हैं कि कहीं दिल की बीमारी के शिकार तो नहीं हो गए। दिल की धड़कन के सामान्य ढंग से काम न करने का कारण हृदय की बीमारी भी हो सकती है। इसके अलावा कई अन्य कारण भी हो सकते हंै। वैसे तो व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, परन्तु ज्यादा व्यायाम करने से दिल की धड़कन के सामान्य रूप से काम करने में बाधा पहुंच सकती है। अपनी क्षमता से अधिक परिश्रम करने पर भी ऐसा हो सकता है कि दिल सामान्य गति से न धड़क पाए। ज्यादा चिंता और यौन उत्तेजना की वजह से भी दिल सामान्य ढंग से नहीं धड़क पाता है। तंबाकू, पान मसाला, गुटका आदि का सेवन, ज्यादा तनाव, चिंता, गुस्सा, नींद न आना भी दिल की धड़कनों को सामान्य ढंग से धड़कने में बाधा पहुंचा सकते हैं। बेरी-बेरी, अनीमिया रोग, हृदय की मांसपेशियों में उत्तेजना, रक्त में ग्लूकोज स्तर का कम होना, नाइट्राइट डिजिटाक्सिन दवाओं का सेवन आदि भी दिल की धड़कनों को सामान्य ढंग से काम न करने देने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

दिल की धड़कनों का आमतौर पर व्यक्ति को अहसास भी नहीं होता है। अगर दिल की धड़कनों का जरा सा भी अहसास व्यक्ति को हो जाता है तो वह बेचैन हो सकता है, इससे प्रभावित व्यक्ति भयग्रस्त हो जाते हैं। अत: अगर इस तरह का अहसास होता है तो सचेत हो जाएं। कई गंभीर तरह के रोगों के कारण भी यह हो सकता है। अगर आप चाय, काफी, सिगरेट, शराब, गुटका, पान मसाला, तंबाकू आदि का सेवन करते हंै तो इनको छोड़ दें। अगर दिल के धड़कने की समस्या किसी प्रकार की चिंता परेशानी, ज्यादा भागदौड़, ज्यादा जल्दबाजी या फिर किसी तरह के तनाव की वजह से होती है तो बेहतर यही होगा कि जीवन को जहां तक हो सके और जितना भी हो सके, शांत ढंग से जीने से कोशिश की जाए।

अपनी मानसिक स्थिति को सुदृढ़ रखें। इसके लिए घर व ऑफिस की जिम्मेदारियों को कम करें। ज्यादा महत्वाकांक्षी न बनें। तनाव से मुक्त होने के लिए योग, ध्यान व प्राणायाम करें। इससे शारीरिक सुदृढ़ता भी हासिल होती है। मानसिक शांति को बनाए रखने के लिए मनोरंजन की ओर ध्यान देना चाहिए और चाहे समय की कितनी भी कमी क्यों न हो इसके लिए समय अवश्य निकालें। निश्चित समय पर नियमित रूप से संतुलित भोजन का सेवन करें। व्यायाम करना अपनी रोजाना की दिनचर्या में शामिल करें। इससे हृदय रोगों से भी बचाव होता है।

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