बच के रहें कभी ध्यान न दें ऐसी आवाजों पर वरना..!!

आपको थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन ये सच है। कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो हम न सूने तो ही अच्छा है। आने वाले हमारे अच्छे और बुरे दिनों का एहसास सबसे पहले जीव जंतुओं को होता है। हमारे आस-पास रहने ये जीव जंतु हमको सावधान करते हुए कुछ न कुछ इशारे जरूर करते हैं। अगर हम इन इशारों को समझें तो बदकिस्मत होने से बच सकते हैं।

◆ कहीं जा रहे हों और बिल्ली और कुत्ते के रोने की आवजें अगर आपको सुनाई दे तो अपना बेड लक शुरू होना समझ लें।

◆ सियार और लोमड़ी जैसे जानवरों के रोने की आवाजें अक्सर रात मेंं सुनाई देती है। अगर ऐसी आवाजें सुनाइ दे तो इसे अशुभ समझना चाहिए।

◆ किसी शुभ काम के बारे में सोच विचार चल रहा हो तब यदि छिपकली की आवाज सुनाई दे तो कार्य में असफल होने की संभावनाएं और बढ़ जाती है।

◆ अगर उल्लू के रोने की आवाज भी आपको सुनाई दें तो सावधान हो जाएं और आवाज को न सूनें। उल्लू के रोने की आवाज सूनने से धन संबंधित नुकसान होने के योग बनते हैं और बीमारियों से सामना होता है।

◆ अगर आपको घर की छत से चील और बाज की आवाज सूनाइ दें तो सम्भल जाएं, अगर ये आवाजें रात में सूनाई दें तो आपको खास तौर से सावधान हो जाना चाहिए। आपके साथ कुछ बुरा हो सकता है।

◆ चमगादड़ अगर आपके घर के आस-पास या घर की छत पर बैठकर आवाजें निकालें तो आपको सावधान होने की जरूरत है।

◆ आपके घर पर कबूतर की आवाजें आने लगें तो तुरंत उन्हे उड़ा दें वरना कुछ ही दिनों में किस्मत साथ छोड़ देती है।

◆ शकुन या अपशकुनरू छींक आने पर नुकसान नहीं बड़ा फायदा भी हो जाता है वैसे तो छींक होना शरीर की आम प्रक्रिया है लेकिन पुराने समय से ही किसी काम की शुरुआत में छींक होना अशुभ माना जाता है। छींक से जुड़ीं कुछ मान्यताएं तथा विश्वास हमारे समाज में प्रचलित हैं जो प्राचीन समय से चले आ रहे हैं। बहुत समय से छींक को शकुन-अपशकुन से जोड़कर देखा जाता है।

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