मुख्य द्वार से जुड़ी होती है आपके फैमिली की समृद्धि

मकान बनवाने या घर खरीदने जा रहे हैं तो मुख्य दरवाजे की दिशा पर ध्यान देना जरुरी है। वास्तु के मुताबिक घर के मुख्य दरवाजे का प्रभाव घर में रहने वाले व्यक्ति पर पड़ता है। अगर दरवाजा गलत दिशा में हो तो व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर बुरा असर पड़ता है।

◆ पूर्व दिशा में मुख्य दरवाजा यानी जल्दी उन्नति

जल्दी उन्नति चाहने वालों को घर का मुख्य दरवाजा पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए। यह दिशा सूर्य के प्रभाव में होती है। मुख्य दरवाजा इस दिशा में होने पर घर में रहने वाले लोग उर्जावान रहते हैं तथा उनकी सोच सकारात्मक रहती है। इसका शुभ प्रभाव इन्हें जीवन के हर क्षेत्र में प्राप्त होता है। अधिकारियों से अच्छे संबंध बने रहते हैं। गृहस्थ जीवन सुखमय होता है। सगे-सम्बन्धियों से लाभ मिलता है तथा बीमार कम होते हैं।

◆ उत्तर दिशा में मुख्य दरवाजा यानी होती रहेगी लंबी यात्रा

घर का मुख्य दरवाजा उत्तर दिशा में होने पर घर का वातावरण आध्यात्मिक होता है। ऐसे घर में रहने वाले लोग धार्मिक कार्य में रूचि लेते हैं। अचानक लम्बी यात्राओं के योग बनते रहते हैं। यात्राओं से इन्हें लाभ मिलता है। तीर्थ यात्रा का अवसर इन्हें मिलता रहता है।

◆ पश्चिमी दरवाजा उन्नति में बाधक

पश्चिम दिशा को वायु तत्व की दिशा माना गया है। इस दिशा में घर का मुख्य दरवाजा होने से घर में रहने वाले लोगों का मन अधिक चंचल रहता है। शनि के प्रभाव के कारण घर में रहने वाले लोगों को उन्नति के लिए काफी परिश्रम करना होता है। प्रगति धीमी गति से होती है।

◆ कष्टकारी होता है दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजा

वास्तु विज्ञान में घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा में होना खतरनाक माना गया है। इस दिशा का स्वामी यम होता है। ऐसे मकान में रहने वाले लोग अक्सर बीमार रहते हैं और इन्हें दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। जिन लोगों के घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा में है उन्हें दोष से बचाव के लिए मूंग की दाल, बकरी, टोपी एवं मिट्टी के बर्तनों का दान करना चाहिए।

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