तनाव से प्रभावित होता है पाचन : शोध

आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में काम का तनाव बहुत आम हो गया है। शोधकर्ताओं की माने तो तनाव से आपकी सेहत पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है। तनाव की वजह से ना सिर्फ बहुत अधिक सिरदर्द होता है बल्कि आप ठीक से सो नहीं पाते। इसके अलावा तनाव आपके पाचन संस्थान को भी प्रभावित करता है। इसी तरह की कई और समस्याएं तनाव की वजह से होती हैं। तनाव की वजह से कौन-कौन सी समस्याएं होती हैं।

चिकित्सकों के मुताबिक तकरीबन 70 फीसदी लोगों को डायजेस्टिव प्रॉब्लम होने लगी है। पेट में मसल्स स्पैज्म होने के कारण इरिटेबल बॉउल सिंड्रोम हो जाता है। वैसे इसके लक्षण हर व्यक्ति के अलग-अलग होते हैं। सामान्य सिम्टम्स में डायरिया, कॉन्स्टिपेशन, एबडोमिनल पेन और डिस्कंफर्ट होने लगता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इरिटेबल बॉउल सिंड्रोम होने का सही कारण तो नहीं पता लेकिन स्ट्रेस इस सिंड्रोम का एक बड़ा कारण माना जाता है।

यदि किसी को बहुत अधिक पसीना आ रहा है तो इसका मतलब वो तनाव में है। शोधकर्ता कई अलग-अलग रिसर्च में ये साबित कर चुके हैं कि बहुत ज्यादा स्वेिंटग होने का मतलब है कि व्यक्ति स्ट्रेस से गुजर रहा है। दरअसल, स्ट्रेस के दौरान पसीना एपोक्रिन ग्लैंड्स से आता है जबकि गर्मी या फिजिकल एक्टिविटी के दौरान पसीना ऐक्रिन ग्लैंड्स से आता है। एक्सपर्ट ये भी मानते हैं कि स्ट्रेस के दौरान जब पसीना आता है तो इनमें बैक्टीरिया बहुत ज्यादा होते हैं जिसकी वजह से पसीने से बदबू भी आती है।

रिसर्च में पाया गया है कि दांत पीसने और स्ट्रेस में भी संबंध है। डॉक्टर्स के मुताबिक, यदि आपको दांत पीसने की आदत है तो आपको तुरंत डेंटिस्ट को दिखाकर इसका कारण जानना चाहिए क्योंकि दांत पीसना कई कारणों से होता है, जैसे- स्ट्रेस, स्लिप डिसऑर्डर, एंजाइटी, एल्कोहल या अधिक कैफीन लेने की वजह से हो सकता है। दांत पीसने के दौरान सिरदर्द, नींद ना आना, कान में दर्द, जॉ, शोल्डर और नेक की मसल्स स्टिफ हो सकती हैं।

तनाव के कारण कई बार बाल भी बहुत झड़ने लगते हैं। दरअसल, स्ट्रेस की वजह से हार्मोंस इम्बैलेंस हो जाते हैं जिससे बाल झड़ने लगते हैं। स्ट्रेस दूर करने के भी कई महीनों बाद बाल अपनी नैचुरल फॉर्म में वापिस आते हैं। अगर आप या आपके आसपास किसी के अचानक बाल झड़ने लगते हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

तनाव और नींद ना आने का लंबे समय से नाता है। यदि आपको रातभर नींद नहीं आती या फिर नींद लाने के लिए बहुत से एफर्ट करने पड़ते हैं तो आपको स्ट्रेस कम करना चाहिए। स्ट्रेस के दौरान बॉडी से हाइपरएराउजल हार्मोन रिलीज होता है जो कि सोने और उठने के बीच के बैलेंस को बिगाड़ देता है। अगर आप नींद ना आने की समस्या से परेशान है तो रात में देर तक टीवी ना देखें। आप रात में जल्दी सोने जाएं। रोजाना एक्सरसाइज करें। टेंशन ना लें।

यदि आपको थकान होती है तो इन सबका का कारण है स्ट्रेस। मेंटल हेल्थ फाउंडेशन ने एक रिसर्च के दौरान पाया था कि ब्रिटेन में हर तीसरा व्यक्ति कॅरियर और फाइनेंस की वजह से परेशान है। ऐसे में वे अपनी पूरी आउटपुट नहीं दे पाते और एनर्जी जल्दी ही ड्रेन्ड आउट हो जाती है। रिसर्च में ये भी पाया गया कि मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम जैसे की एंजाइटी की वजह से आप जल्दी ही टायर्ड महसूस करते हैं फिर चाहे आप कितना भी आराम क्यों ना कर लें। इस वजह से आपका मूड भी लो ही रहता है।

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