जल्द मिल सकती है मलेरिया से निजात

मलेरिया के वैक्सीन का मानव में सफल परीक्षण

प्रतिवर्ष दुनियाभर के लाखों लोग मच्छर जनित बीमारी मलेरिया से पीडि़त होते है। सही उपचार नही होने पर पीडि़त की मौत भी हो जाती है। लेकिन अब जल्द ही इस बीमारी से छुटकारा मिल जाएगा। मलेरिया वैक्सीन का मानव पर सफल परीक्षण किया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट नही होते है।

दिलचस्प बात ये है कि इस बार का इंसानों पर हुआ परीक्षण काफी प्रभावी और सुरक्षित पाया गया है। ये वैक्सीन खासतौर पर जेनेटिकली मोडिफाइड मलेरिया पैरासाइड के लिए तैयार किया गया है। फिलहाल ये पहला ट्रायल है। कैसे किया गया ट्रायल इस ट्रायल को बनाने से पहले मलेरिया पैरासाइड को जेनिटिकली वीक किया गया ताकि उसका असर कम हो। इसके बाद 10 हेल्दी लोगों को ये दिया गया। इन लोगों को ये टीका कंट्रोल एन्वायरमेंट में इफेक्टिड मॉसकीटो के जरिए दिया गया। ट्रायल के दौरान जेनिटिकली मोडिफाइड पैरासाइड ने प्रतिभागियों के लीवर में मलेरिया पैरासाइड की ग्रोथ को रोक दिया।

  • मलेरिया का संक्रमण

मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने के बाद उसके लार में मौजूद मलेरिया परजीवी पहले इंसान के लीवर को फिर उनके ब्लड को संक्रमित करता है। जब ब्लड पूरी तरह से इंफेक्टिड हो जाता है तो मलेरिया के लक्षण सामने आने लगते हैं। ऐसे में प्रतिभागियों को जब वैक्सीन दिया गया तो जेनिटिकली मोडिफाइड पैरासाइट ने प्रतिभागियों के लीवर में मलेरिया के जीवाणओं को तो बढ़ने से रोका ही साथ ही ब्लड को भी इंफेक्टिड होने से रोका।

शोध के नतीजों में देखा गया कि टीके ने ना सिर्फ अच्छी तरह से अपना काम किया बल्कि इन प्रतिभागियों के इम्यून सिस्टम ने भी अच्छा रिस्पॉन्स दिया। यही ट्रायल चूहों पर किया गया तो चूहों को इस वैक्सीन ने मलेरिया से पूरी तरह से बचाया। अमेरिका के सेंटर फॉर इन्फेक्सियस डिजीज रिसर्च के शोधकर्ताओं ने ये इस वैक्सीन को तैयार किया है। इस वैक्सीन को तैयार करने के दौरान मलेरिया पैरासाइड प्लाजमोडियम पैâलिसिपैरम से तीन तरह के जीन को रिमूव किया गया। ये वो जीन हैं जो आमतौर पर लीवर को इंफेक्टिड करते हैं।

इस शोध के प्रमुख शोधकर्ता सिबेस्टियन मिकोलैज्क का कहाना है कि ह्यूमन ट्रायल में मिली सफलता से जल्द ही मलेरिया वैक्सीन और प्रभावी तरीके से सामने होगी। वहीं वािंशगटन यूनिवर्सिटी के जेम्स कबलिन का कहना है कि मलेरिया के इस नए वैक्सीन से दुनियाभर में मलेरिया से छुटकारा पाने में मदद मिलने की संभावना है। फिलहाल इस वैक्सीन के अभी और ट्रायल्स होने बाकी हैं।

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