तनाव दूर भगाते है योग और संगीत

आधुनिक युग में सभी एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में रहते हैं चाहे उसकी कीमत तनाव भरी जिन्दगी के रूप में चुकानी पड़ती है। तनाव हमारे स्वास्थ्य और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव डालता है और धीरे-धीरे खोखला बनाता जाता है। तनाव हमारे मन पर, हमारी सोच पर प्रभाव डालता है। तनाव हमारे शरीर और मस्तिष्क को प्रभावित करे उससे पहले हमें संभल जाना चाहिए ताकि हम उसके चंगुल में न फंसे।

अपने तनाव और स्ट्रेस को कम करने के लिए करें कुछ ऐसा :-

अपनी इच्छाओं व अधिकारों के प्रति हमें सजग रहना चाहएि न कि हम दूसरों की इच्छाओं व अपेक्षाओं के लिए जिएं। क्योंकि दूसरों की इच्छाओं पर आप कभी पूरे नहीं उतर सकते। यदि पूरक बनने का प्रयास करेंगे तो स्वयं को तनावग्रस्त होना पड़ेगा। तनाव को कम करने के लिए थोड़ा खाएं पर आराम से खाएं। भागदौड़ कर खाना, बेसमय खाना, अधिक खाना, अल्कोहल लेना तनाव को बढ़ाता है, कम नहीं करता।

यदि आप अंडर स्ट्रेस हैं तो चाय-कॉफी का सेवन अधिक न करें। चाय-कॉफी में पाया जाने वाला निकोटिन तनाव बढ़ाता है। अपने तनाव को कम करने के लिए कोई भी बुरी आदत न अपनायें। इससे अच्छा है कि व्यायाम करें, मेडिटेशन करें जो स्ट्रेस को कम करते हैं। योग और एरोबिक्स द्वारा शरीर में ऐसे रसायन उत्पन्न होते हैं जिससे सकारात्मक भावनाओं का विकास होता है।

अपने आप को रिलैक्स करने लिए अच्छी पुस्तकें, पत्रिकाएं पढ़ें और अच्छी जानकारी लेकर उन्हें व्यवहार में लाएं। म्यूजिक भी दिमागी थकान को आराम देता हैं। हल्का, शांतिदायक म्यूजिक सुनें, उस पर थोड़ा नृत्य करें। स्ट्रेस आपसे दूर हो जायेगा। अपने कामों की प्राथमिकताएं तय करें। उनको पूरा करने के लिए स्वयं को समयबद्ध बनाकर अपने काम करें और अपने लिए कुछ समय भी निकालें ताकि आपका मन लगा रहे और मन में शांति और काम पूरा करने की सफलता पर खुशी का अनुभव करें। अपने कामों को निर्धारित करने में अपनी क्षमतानुसार करें। अपनी क्षमता से अधिक काम का बोझ भी इंसान को स्ट्रेस से भर देता है।

अपने लक्ष्य को निर्धारित करते समय अपनी सोच स्वस्थ रखें ताकि सौ प्रतिशत सफलता न मिले तो निराश न हों। जब भी स्वयं को काम के बोझ तले दबा महसूस करें, सभी काम छोड़कर सोचें कि इनमें से मेरा मनपसन्द काम क्या है। पहले उसे पूरा कर दूसरा काम बाद में करें ताकि बोरियत न हो। फिर भी स्ट्रेस बना रहे तो मनोचिकित्सक से मिलें। स्ट्रेस को अधिक लंबा न खींचें। जल्दी ही उस पर काबू पाना हितकर है, आपके शरीर और दिमाग के लिए।

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