यहां के मंदिर में रोज बढ़ रहा है गणेश जी की मूर्ति का आकार

भगवान से जुड़ी चमत्कारी बातें तो आप अकसर सुनते ही होगें परंतु आज हम जिक्र कर रहे है भगवान गणेश जी (गणपति बाप्पा) के बारे में। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को बहुत पूज्यनीय माना जाता है। किसी भी धार्मिक कार्य की शुरुआत गणपति बप्पा की आराधना करने के साथ ही की जाती है।

देश में भगवान गणेश के कई मंदिर हैं, जिनमें से कई बेहद प्रसिद्ध भी हैं। इन मंदिरों से रोचक और चमत्कारिक कहानियां भी जुड़ी हुई हैं। आज हम यहां देश के ऐसे ही तीन मंदिरों की बात करेंगे, जहाँ आज भी कई चमत्कार देखने को मिलते हैं।

◆ कनिपक्कम गणपति मंदिर

आंध्र प्रदेश के चित्तूर में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां भगवान गणेश की मूर्ति का आकार हर रोज बढ़ता जा रहा है। यहां विराजमान मूर्ति के पेट और घुटने का आकार दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। यह भी कहा जाता है कि गणेश जी की एक भक्त ने उन्हें एक कवच भेंट किया था, जो अब मूर्ति का आकार बढ़ने के कारण उन्हें नहीं पहनाया जा सकता।

◆ रणथंभोर गणेश मंदिर

राजस्थान के सवाई माधोपुर से 10 किलोमीटर दूर बने रणथंभोर किले में बने इस मंदिर में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले निमंत्रण भेजा जाता है। कई लोग मंदिर का पता लिखकर गणेश जी के नाम से पत्र भेजते हैं। यहां पुजारी डाक को भगवान गणेश के चरणों में अर्पित कर देते हैं।

◆ उच्ची पिल्लयार मंदिर

तमिलनाडू में भगवान गणेश का यह मंदिर तिरुचिरापल्ली (त्रिचि) के रॉक फोर्ट पहाड़ी पर बसा है। इस मंदिर के संबंध में प्रचलित कथा यह है कि इस पहाड़ी पर रावण के भाई विभीषण ने क्रोध में आकर भगवान गणेश पर वार कर दिया था। इस कृत्य के लिए उसने बाद में क्षमा भी मांगी थी। इस दौरान गणेश जी को चोट भी आयी थी। इस घटना के बाद से गणेश जी इस पहाड़ी पर उच्ची पिल्लयार के रूप में विराजमान हैं और आज भी उनके सिर पर इस वार का निशान है।

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