परिवार सेहत न बिगाड़ दे, दक्षिण-पश्चिम टी प्वाइंट भवन

वास्तु के अनुसार दक्षिणमुखी भवन नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है। इसलिए दक्षिण दिशा को आवास हेतु उपयुक्त नहीं समझा जाता। खासकर दक्षिण-पश्चिम टी प्वाइंट भवन में निवास करना भी हो तो किसी वास्तु विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

दक्षिणमुखी भवन के प्रभावों की चर्चा हम पूर्व में कर चुके हैं। आज हम बात करते हैं दक्षिण-पश्चिम टी प्वाइंट भवन की। यह दिशा आवास के लिहाज से पूर्णत: अनुपयुक्त होती है। अगर कहा जाए कि दक्षिण-पश्चिम टी प्वाइंट भवन दुखों को आमंत्रण देते हैं तो यह अनुपयुक्त नहीं होगा।

◆ करता है परेशान : खासकर स्वास्थ्य की दृष्टि से दक्षिण-पश्चिम टी प्वाइंट भवन पूर्णत: प्रतिकूल होते हैं। इस वास्तु स्थिति का सर्वाधिक प्रभाव परिवार के मुखिया पर पड़ता है। उन्हें लंबी बीमारी का शिकार होना पड़ता है या फिर मृत्यु तुल्य कष्ट से गुजरना पड़ता है। ऐसा भी देखने में आया है कि इस दोाा की वजह से परिवार के मुखिया को जेल भी जाना पड़ा है। सरकारी कामों में अड़चन आना ऐसे भवन के निवासियों के लिए तो सामान्य बात हो जाती है।

◆ कई बीमारियां आती हैं करीब : दक्षिण-पश्चिम टी प्वाइंट भवन में निवास करने वाले सदस्यों को पैरों से संबंधित बीमारियों से ग्रसित देखा जा सकता है। अगर ऐसे भवन में निर्माण संबंधी कोई अन्य वास्तु दोाा भी है तो परिवार के किसी सदस्य को बवासिर से ग्रसित भी पाया जाता है। यही नहीं, इस स्थिति में अन्य गुप्त रोगों की भी आशंका बनी रहती है। कभी-कभी हालात इस कदर बदतर हो जाते हैं कि परिवार के सदस्यों को उक्त भवन छोड़ना पड़ता है।

◆ उपाय है संभव : इसका मतलब यह नहीं कि ऐसे भवनों को त्याग देना ही एक मात्र उपाय है। पिरामिड एवं पाकुवा मिरर की सहायता से ऐसे वास्तु दोषों का उपाय संभव है। इन उपायों को किसी कुशल वास्तु विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही अपनाना चाहिए।

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