पुरुषों के लिए कंट्रासेप्शन जैल जो यौन क्रिया के समय स्पर्म को कर देगा ब्लॉक

अब महिलाओं को प्रेग्नेंट होने का कोई चांस नही! क्योंकि आ रही पुरुषों के लिए कंट्रासेप्शन जैल

अब पुरुषों के लिए एक नया कंट्रासेप्शन जैल के रूप में आ रहा है जो कि स्पर्म को ब्लॉक कर देगा। इस जैल का ट्रायल बंदरों पर किया गया है जो कि सफल रहा है। कंट्रासेप्शन जैल यानि वैसल जैल को टयूब में इंजेक्ट करते ही स्पर्म पेनिस से बाहर नहीं आएगा। कंपनी के मुताबिक, इस जैल पर दो साल तक ट्रायल किेया गया है।

बेसिक एंड क्लिनिकल एंड्रोलोजी में पब्लिश इस ट्रायल के बारे में कहा गया है कि ये जैल काम का है और पूरी तरह सुरक्षित है। इस सफल परीक्षण से माना जा रहा है कि कुछ ही सालों में इस जैल का सक्सेसफुली पुरुषों पर भी ट्रायल हो जाएगा। अगर कंपनी को सही से फंडिंग हो गई और ट्रायल भी सफल हो गए तो ये जैल पुरुषों के लिए बाजार में बड़ी संख्या में मौजूद होगा। कई दशकों बाद इस तरह का ये पहला जैल है जो बाजार में आएगा।

इस समय पुरुषों के लिए बर्थ कंट्रोल के लिए केवल दो ही विकल्प हैं। स्पर्म को रोकने के लिए कंडोम और दूसरा वैसेक्टमी यानि नसबंदी। वैसल जैल आने पर ये वैसेक्टमी की तरह ही काम करेगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि पुरुाा बाद में पिता बनने की सोच रहे हैं तो उनके लिए वैसेक्टमी से ज्यादा बेहतर विकल्प वैसल जैल हो सकता है। जैसे वैसल जैल इंजेक्ट किया जाएगा वैसे ही इसका असर खत्म करने के लिए दूसरा इंजेक्शन लगाया जाएगा।

ये टेस्ट बंदरों से पहले खरगोशों पर भी किया जा चुका है। अब पुरुषों पर इसका टेस्ट होना बाकी ह। वैसल जैल का आइडिया नया नहीं है। इससे पहले भी बर्थ कंट्रोल जैल `रिसग’ बिल्कुल वैसल जैल की ही तरह काम करता है। इसकी टेस्टिंग इंडियन पुरुषों पर हो चुकी है। हां रिसग की तरह वैसल जैल में स्पर्म स्विम होकर वेस्ट नहीं होता। ये स्पर्म का पाथ ब्लॉक कर देता है। हां दोनों ही जैल इंजेक्शन के द्वारा ऐनिस्थिसिया के जरिए दिए जाते हैं जो कि लंबे समय तक कंट्रासेप्शन का काम करते हैं।

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ये रिसर्च 16 एडल्ट बंदरों पर की। इनमें से 10 पहले से ही पिता थे। इंजेक्शन देने के बाद एक सप्ताह तक इन बंदरों को मोनिटर किया गया। इसके बाद इन्हें इनकी फर्टाइल फीमेल मंकी के पास भेज दिया गया। पूरी स्टडी के दौरान इन बंदरों की मीटिंग हुई लेकिन कोई भी फीमेल मंकी प्रेग्नेंट नहीं हुई।

इनमें से कुछ मेल मंकी को इस इंजेक्शन के बाद साइड इफेक्ट भी हुए। यहां तक की एक मंकी का तो ऑपरेशन तक की नौबत आ गई क्यों कि इंजेक्शन प्लान के तहत सही से मंकी को नहीं लगा और उसकी टयूब डैमेज हो गई। शेफील्ड यूनिवर्सिटी के एंड्रोलॉजी के प्रोफेसर एलन पेसी के मुताबिक, इस स्टडी से पता चलता है कि बंदरों पर कंट्रासेप्शन के रूप में ये जैल काफी इफेक्टिव ह। ऐसे में ये जैल वैसेक्टमी यानि नसबंदी को रिप्लेस करने में फायदेमंद हो सकता है। लेकिन अभी शोधकर्ताओं को इस जैल के रिवर्स प्रोसिजर पर भी पूरी तरह टेस्ट करना है।

प्रोफेसर एलन कहते हैं कि इस तरह के प्रोडक्ट्स में फॉर्मेसी कंपनी का बहुत ही कम इंटरेस्ट होता है। वे कहते हैं कि मैं इमेजिन कर सकता हूं कि दुनियाभर में न्यू कंट्रासेप्टिव का स्वागत होगा। पुरुषों पर इस जैल का सक्सेसफुल ट्रायल होना बाकी है और इसके सुरक्षित होने की गारंटी आना भी बाकी है। आपको बता दें, इस तरह कंट्रासेप्टिव ुअली ट्रांसमेटिड डिजीज जैसे एसआईवी एड्स से नहीं बचाते। लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि फिर भी पुरुाा इस तरह के कंट्रासेप्शन का इस्तेमाल करना चाहेंगे।

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