एआईसीटीई बनाएगा इंजीनियरिंग छात्रों को रोजगार के योग्य

देश के तकनीकी संस्थानों से पढ़कर निकलने वाले छात्रों की संख्य तो तेजी से बढ़ी है पर सभी को काम नहीं मिल पा रहा है। इससे शिक्षित बेरोजगारी के हालात और खराब हो रहे हैं। ऐस में अब सभी को रोजगार योग्य बनाने हेतु एआईसीटीई पाठयक्रम में संशोधन पर विचार कर रहा है।

इंडस्ट्री और अन्य सेक्टरों की जरूरतों के मुताबिक समय-समय पर पाठयक्रम में संशोधन किया जाएगा। एआईसीटीई के चेयरमैन अनिल डी.सहस्रबुद्धे ने कहा कि शिकायतें मिली हैं कि तकनीकी संस्थानों से पास होने वाले करीब 60 फीसदी छात्र इंडस्ट्री के लिए तैयार नहीं होते हैं। उनको अपने कौशल में निखार लाने की जरूरत होती है। इसी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एआईसीटीई इस दिशा में कदम उठाने पर विचार कर रहा है।

श्री कृष्ण कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी में आयोजित एआईसीटीई प्रायोजित कार्यशाला, ’ई-लर्निंग पर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला: चुनौतियां एवं अवसर’ के इतर उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर शिक्षा में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन कदमों से एक नियमित अंतराल पर पाठयक्रम में संशोधन करना हा ताकि इंडस्ट्री बदलती तकनीक के मुताबिक फायदा उठा सके।

इसी तरह से छात्रों के लिए अनिवार्य होगा कि वे दो से तीन महीने तक इंडस्ट्री में इंटर्नशिप जरूर लें ताकि नौकरी जॉइन करने से पहले वे कौशल सीख लें। इसके साथ ही कई अन्य संस्थान भी इसी प्रकार की पहल कर रहें हैं। इससे देश में तकनीकी छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके कौशल का लाभ देश को मिलेगा।

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