पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव से हो सकती है ये बीमारी

पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव के कारण हो सकती है यह बीमारी

महिलाओं को महीने एक बार पीरियड्स होना तो आम बात है पीरियड्स के दौरान अधिक खून या रक्तस्राव होने से गर्भाशय फाइब्रॉएड बिमारियों का लक्षण होता है। इसमे गर्भाशय की मांसपेशियों की परत में उत्पन्न होने वाली ट्यूमर को गर्भाशय फाइब्रॉएड जाना जाता है। यह कैंसर रहित गांठें होती हैं और ज्यादातर महिलाओं में इनके लक्षण नजर नहीं आते हैं। खास तौर इसके लक्षण को उभर कर सामने आने में काफी टाइम लगता है। क्योंकि, यह धीरे-धीरे पनपता है।

इसके अलावा,  फाइब्रॉएड का आकार भी अलग-अलग होता है, जैसे कि सेम के बीज से लेकर तरबूज जितना हो सकता है। लगभग 20 प्रतिशत महिलाओं को पूरे जीवन में फाइब्रॉएड कभी न कभी जरूर प्रभावित करता है।

इसके लक्षण क्या हैं ?

जहाँ ज्यादातर महिलाएं इनसे परेशानी न होने की वजह से इनके लक्षणों को नहीं पहचान पाती, वहीं कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जिनमें इनके लक्षण बेहद गंभीर तौर पर दिखाई देते हैं। इस बीमारी के लक्षण ज्यादातर पीरियड्स के दिनों में नजर आते हैं। सामान्य रूप से रक्तस्राव का होना सबसे आम लक्षण होता है। कुछ मामलों में, महिलाओं को गर्भधारण करने में कठिनाई उत्पन्न होना, फाइब्रॉएड का मुख्य लक्षण माना जाता है। वहीं, कुछ हद तक इसके लक्षण, इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि फाइब्रॉएड गर्भाशय की कौन सी दीवारों पर हैं।

गर्भाशय फाइब्रॉएड से होने वाली समस्याएं-

असामान्य मासिक रक्तस्राव-

  • मासिक धर्म का बहुत दिनों तक रहना और बहुत ज्यादा मात्रा में रक्तस्राव का होना, यह एनीमिया का लक्षण हो सकता है।

  • मासिक धर्म के दौरान बहुत अधिक दर्द होना।

  • मासिक धर्म के पहले और बाद में धब्बा (स्पोटिंग) लगना।

➧ पैल्विक दर्द और दबाव-

  • पेट, कमर, पीठ या पीछे की ओर दर्द होना।

  • सेक्स के दौरान दर्द होना।

  • पेट में सूजन के साथ दबाव महसूस होना।

➧ मूत्र संबंधी समस्या-

  • बार-बार यूरिन पास होना।

  • मूत्र का रिसाव होना।

  • किडनी में रुकावट होना।

इसके अलावा गर्भाशय फाइब्रॉएड के लक्षणों में शामिल है-

  • मल त्याग के साथ दर्द या कठिनाई उत्पन्न होना।

  • बाँझपन- कभी-कभी फाइब्रॉएड गर्भधारण करने में समस्या उत्पन्न करता है जो, बाँझपन की स्थिति को पैदा करता है।

  • गर्भावस्था के दौरान समस्या उत्पन्न होना जैसे, समय से पहले बच्चे का जन्म होना या गर्भपात की समस्या।

महिलाओं को फाइब्रॉएड की समस्या से बचने के लिए इसके लक्षणों को जानना और समझना बहुत जरूरी है। क्योंकि गर्भाशय फाइब्रॉएड की समस्या महिलाओं में बहुत ही आम है। इस प्रकार की समस्या में, महिलाओं को गर्भधारण करने में कठिनाई होती है। ऐसे में इसके लक्षणों का पता चलते ही डॉक्टर से संपर्क करनी चाहिए।

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