ग्रेजुएशन के बाद क्यों जरूरी है पीजी डिप्लोमा

क्या है पीजी डिप्लोमा?

वैसे तो हमारी पढ़ाई-लिखाई का सिलसिला हमारी पैदाइश के साथ शुरू हो जाता है और हमारी अंतिम सांस तक चलता रहता है। किंडरगार्डेन से लेकर डॉक्टरेट तक, लेकिन पढ़ाई की विशेषता और खासियत जानने वाले इस बात को भी अच्छी तरह जानते हैं कि ग्रेजुएशन करते-करते किसी पीजी डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के बड़े फायदे हैं।

हम इस दुविधा में होते हैं कि क्या करें? आगे नौकरी करें या फिर पढ़ाई को ही जारी रखें? ऐसे में किसी भी बहुप्रतीष्ठित व सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान से पीजी डिप्लोमा करना आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। इसके मद्देनजर हम आपको बता रहे हैं कि पीजी डिप्लोमा क्यों और किसलिए करें।

क्या है पीजी डिप्लोमा?

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेस बैचलर कर रहे और कर चुके स्टूडेंट्स के बीच काफी पॉपुलर हैं। इसमें आपको मास्टर लेवल की स्पेशलाइजेशन मिल जाती है और वो भी बिना किसी डिजर्टेशन को सबमिट किए बगैर। इसके साथ ही लगभग सारे डिप्लोमा कोर्सेस इनके पूरे होने के साथ ही बेहतरीन जॉब की संभावनाएं भी बढ़ा देते हैं। संक्षेप में कहें तो यह ग्लोबल वर्ल्ड में दाखिले के लिए बनाया गया सुपर कोर्स है।

क्यों करें पीजी डिप्लोमा?

अगर आप ग्रेजुएशन करते-करते भी इस बात को समझ नहीं पाए हैं कि आप आगे की पढ़ाई जारी रखें या फिर जॉब करें तो पीजी डिप्लोमा आपके लिए ही है। आपको एक साल का समय सोचने के लिए भी मिल जाता है और आप थोड़े और अधिक परिपक्व हो जाते हैं। आप खुद को इंडस्ट्री के लिए और बेहतर तरीके से तैयार कर लेते हैं। आखिर जॉब किसे नहीं चाहिए।

कहां से करें ऐसे कोर्सेस?

वैसे तो ऐसे कोर्सेस कराने वाले संस्थान हर गली-मोहल्ले में खुल गए हैं लेकिन इन्हें किसी प्रतिष्ठित संस्थान से करने पर आपकी विश्वसनीयता और जॉब पाने की संभावना में इजाफा हो जाता है। चाहें तो पत्रकारिता, इंजीनियिंरग, मेडिकल और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ऐसे कोर्सेस कर सकते हैं।

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