मॉडिंलग में नाम और शोहरत दोनों ही

अगर आप सुंदर हैं, आकर्षक हैं और लंबाई भी अच्छी है तो आप मॉडिंलग में कैरियर बना सकते हैं। इसमें नाम और ग्लैमर दोनों ही भरपूर हैं। पहले अपना एक पोर्टफोलियो तैयार कर लें। किसी प्रोफेशनल फोटोग्राफर के पास जाकर अपनी कुछ अच्छी तस्वीरें खिंचवाएं और इस पोर्टफोलियो को किसी एडवरटाइिंजग एजेंसी को भेज दें। हो सके तो किसी फैशन डिजाइनर को दिखाकर अपनी मॉडिंलग की राह आगे बढ़ा सकते हैं।

◇ टेलीविजन मॉडिंलग

इसमें आपको मूवी कैमरों के सामने मॉडिंलग करनी पड़ती है। जिसका इस्तेमाल टीवी विज्ञापनों, सिनेमा, वीडियो, इंटरनेट आदि में किया जाता है।

◇ प्रिंट मॉडिंलग

इसमें स्टिल फोटोग्राफर्स मॉडल्स की तस्वीरें उतारते हैं, जिनका इस्तेमाल अखबार, ब्रोशर्स, पत्रिकाओं, कैटलॉग, कैलेंडरों आदि में किया जाता है।

◇ शोरूम मॉडिंलग

शोरूम मॉडल्स आमतौर पर निर्यातकों, गारमेंट निर्माताओं और बड़े रिटेलरों के लिए काम करते हुए खरीदारों के सामने फैशन के नवीनतम रुझानों को प्रर्दिशत करते हैं।

◇ रैंप मॉडिंलग

इसमें मॉडल्स को दर्शकों के सामने गारमेंट्स व ऐसेसरीज प्रर्दिशत करनी होती है। यह प्रदर्शनी, फैशन शो या किसी शोरूम की बात भी हो सकती है। रैंप मॉडल की खड़े होने, चलने की शैली और बॉडी लैंग्वेज बेहतर होनी चाहिए।

◇ सैलरी कितनी

फैशन डिजाइिंनग में सैलरी भी काफी बेहतर है। शुरू-शुरू में आपकी सैलरी 10,000 से 14,000 रुपये महीने हो सकती है। लेकिन दो-तीन साल में जब आप डिजाइिंनग में कुशल हो जाते हैं, तो सैलरी काफी बढ़ जाती है। जब आप इस फील्ड में एक बार जाने-पहचाने नाम बन जाते हैं, तो लाखों में कमाई कर सकते हैं।

◇ कर सकते है रैंप मॉडलिंग भी

रैंप पर इठलाकर चलती मॉडल्स और नित नए फैशनेबुल अंदाज अगर आपको भाते हैं तो फैशन इंडस्ट्री आपके लिए है। इंडिया फैशन इंडस्ट्री में रितु बेरी, मनीषा मलहोत्रा, रोहित बल जैसे तमाम डिजाइनर दुनिया भर में अपने हुनर का डंका बजा रहे हैं। यहां आपके लिए भी भरपूर स्कोप है। फैशन इंडस्ट्री में कदम जमाने के लिए फैशन डिजाइिंनग का कोर्स करना चाहिए। फैशन डिजाइिंनग के अंडर ग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं पास होना जरूरी है। हालांकि निफ्ट जैसे इंस्टीटयूट में एडमिशन के लिए रिटेन एग्जाम, ग्रुप डिसक्शन और पर्सनल इंटरव्यू के दौर से गुजरना पड़ता है। इसके साथ ही आपके भीतर कुछ नैर्सिगक स्किल भी होने चाहिए।

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