आसानी से पाए ये सरकारी नौकरी! जानिए कैसे

हर साल कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में भर्ती के लिए एसएससी सीजीएल एग्जाम का आयोजन करता है। इस परीक्षा के जरिये जिन पदों पर नियुक्ति होती है, उनमें से एक है स्टैटिस्टिकल इन्वोस्टिगेटर (ग्रेड-2)। एसएससी की परीक्षा के माध्यम से मिलने वाले सबसे आकर्षक जॉब्स में से यह एक है। इसके बावजूद इस जॉब प्रोफाइल के बारे में युवाओं को अधिक जानकारी नहीं है। तो चलिए, जानते हैं इसी जॉब प्रोफाइल के बारे में।

❂ क्या है यह पद?

एसएससी सीजीएल एग्जाम के माध्यम से स्टैटिास्टिकल इन्वोस्टिगेटर (ग्रेड-2) के लिए चयनित होने वाले उम्मीदवारों को ग्रुप बी (सेंट्रल सिविल सर्विस, नॉन-गजेटेड, नॉनमिनिस्टेरियल) में जूनियर स्टैटिास्टिकल ऑफिसर (जेएसओ) के पद पर नियुक्ति दी जाती है। वे साांqख्यकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सबऑडीनेट स्टैटिास्टिकल सर्विस (एसएसएस) कैडर का हिस्सा होते हैं।

❂ वेतन-भत्ते

जूनियर स्टैटिास्टिकल ऑफिसर पे-बैंड 2 के अंतर्गत आते हैं। इनका वेतनमान 9300-34800 तथा ग्रेड पे 42000 होता है। जेएसओ का आरंभिक वेतन लगभग 30,000 रुपए प्रति माह होता है।

❂ पोस्टिंग

स्टैटिास्टिकल इन्वोस्टिगेटर (ग्रेड-2) अखिल भारतीय स्तर का पद है। इस पद पर नियुक्त होने वाले अधिकारियों की पदस्थापना देश के किसी भी स्थान पर की जा सकती है। जेएसओ के रूप में चयनित होने वाले 80 प्रतिशत उम्मीदवारों की नियुक्ति नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) के माध्यम से की जाती है। शेष की नियुक्ति केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों में की जाती है। काम की प्रकृति जेएसओ को क्या काम करना होता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसकी नियुक्ति कहां की गई है।

एनएसएसओ में नियुक्त स्टैटिास्टिकल इन्वोस्टिगेटर ऑफिसर को मुख्य रूप से दो तरह के काम करने होते हैं:

❂ डाटा कलेक्शन

यह मूलत: एक फील्ड जॉब है। यह काम एनएसएसओ के फील्ड ऑपरेशंस डिविजन (एफओडी) के तहत होता है। इसमें विभिन्ना सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों, सामाजिक-आर्थिक कारकों, शहरी सर्वे और मूल्य सूचकांकों के लिए सर्वे तथा डाटा संग्रहण अभियान संचालित करने होते हैं।

❂ डाटा प्रोसेिंसग

जिन ऑफिसर्स की नियुक्ति एफओडी में नहीं होती, वे डेस्क जॉब करते हैं। वे विभिन्ना मंत्रालयों, विभागों, संस्थानों के लिए विस्तृत डाटा रिपोर्ट तैयार करते हैं। इनके द्वारा संकलित किया गया डाटा ही भारत सरकार की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के निर्धारण का आधार बनता है। इसके अलावा, जो ऑफिसर मंत्रालयों, विभागों या संस्थानों में नियुक्त होते हैं, उनकी जॉब प्रोफाइल क्लेरिकल होती है। वे दस्तावेजों की ड्रािंफ्टग, सर्वे रिपोर्ट की रिक्वायरमेंट तैयार करने, डाटा एंट्री, टेब्यूलेशन, डाटा को संपादित व संकलित कर रिपोर्ट बनाने आदि का काम करते हैं।

❂ संस्थागत ढांचा व प्रमोशन

जेएसओ सबऑडीनेट स्टैटिास्टिकल सर्विस (एसएसएस) में जूनियर ऑफिसर्स के लिए एंट्री-लेवल पद है। यहां की प्रमोशन संबंधी नीति वरिष्ठता और अनुभव पर आधारित होती है। जूनियर स्टैटिास्टिकल ऑफिसर लगभग 5 से 8 साल बाद प्रमोशन पाकर सीनियर स्टैटिास्टिकल ऑफिसर (ग्रुप-बी, गजेटेड) पद पर आ जाते हैं। इस लाइन में विभिन्ना पद क्रमवार इस प्रकार होते हैं जूनियर स्टैटिास्टिकल ऑफिसर, सीनियर स्टैटिास्टिकल ऑफिसर, असिस्टेंट डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, जॉइंट डायरेक्टर, डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर जनरल, एडिशनल डायरेक्टर जनरल, डायरेक्टर जनरल।

स्टैटिास्टिकल इन्वोस्टिगेटर पद के लिए प्रतिस्पर्धा कम होती है और चयनित होने की संभावना अधिक। इसलिए आप इस पद का लक्ष्य साधकर सीजीएल एग्जाम में बैठ बेहतर करियर निर्माण के बारे में सोच सकते हैं। इसमें खास आर्कााण यह है कि यह केंद्र सरकार की नौकरी है और पहले ही प्रमोशन के बाद आप गजेटेड ऑफिसर बन जाते हैं।

Loading...
loading...

You might also like More from author

Comments