अब पीरियड्स में हर महीनें दर्द को कहें बाय! बाय!

पीरियड्स, औरतों के लिए महीने के वो दिन किसी बुरे सपने की तरह ही होते हैं पीरियड्स हर महीने के पांच-छह दिनों के लिये आते है। जिस की बजह से उन की पूरी लाइफस्टाइल डिस्टर्ब हो जाती है। इसी की बजह से कई बार दर्द, बेचैनी और चिड़चिड़ापन बर्दाश्त के बाहर हो जाता है। पर ये खबर सुनकर शायद आपको थोड़ी राहत मिले।  डॉ. एलिजाबेथ माइक्स ने एक ऐसी दवा खोज कर ली है जिससे महिलाओं को अब हर महीने ये दर्द नहीं सहना होगा।

डॉक्टर एलिजाबेथ माइक्स का कहना है कि पीरियड्स के प्रति चली आ रही सोच में बहुत जल्दी बदलाव आने वाला है, हो सकता है आने वाले समय में रेग्युलर पीरियड्स की बात सिर्फ कहने के लिए रह जाऐ एलिजाबेथ का कहना है कि इस दवा के उपयोग करने से महिलाओं को होने वाली हर महीने की ये परेशानी दूर हो जाएगी।

क्या है यह दवा

इस दवा को इंप्लांट या इंजेक्ट करते हैं इस दवा को इंप्लांट या इंजेक्ट करते ही हार्मोन्स लेवल में बदलाव होने लगता है। जिस के कारण महिलाओं की ओवरी से एग रि‍लीज नहीं होते हैं। इसका मतलब ये हुआ कि गर्भाशय से हर महीने होने वाली ब्लीडिंग नहीं होती है। इस दवा का सिर्फ 21 दिन है। इस दवा के कोर्स के बाद 7 दिन का ब्रेक लेना पड़ता है। कई बार डॉक्टर इन सात दिनों के लिए शुगर पिल्स दे देते हैं। ताकि क्रम बना रहे। कोर्स के चलते उन्हें पीरियड्स की तरह ही ब्लीडिंग होगी लेकिन वास्तव में ये नेचुरल पीरियड्स नहीं होते। नेचुरल पीरियड्स गर्भाशय की टिश्यू लाइनिंग के झड़ने की वजह से होती यह पीरियड्स के चलते ब्लीडिंग हॉर्मोन्स के कम होने की वजह से होगी।

अब नहीं होगी दिक्कत प्रेग्नेंट होने में

इन हॉर्मोन बेस्ड पिल्स से पीरियड्स या तो बहुत कम हो जाते हैं या फिर पूरी तरह बंद हो जाते है। डॉ. का कहना है कि ये पूरी तरह सुरक्षित हैं। कई महिलाएं ये सोचेंगी कि पीरियड्स कम या बंद होने से उनकी गर्भ धारण करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है प्रेग्नेंट होने में दिक्कत होगी, डॉ. ने पूरी तरह स्पष्ट कार दिया है कि इसका फर्टिलिटी पर भी कोई असर नहीं पड़ता है।

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