मॉनसून में अच्छी बागवानी कैसे करें ?

गार्डनिंग का शौक आज हर उम्र के लोगों की पसंद बन चुका है! चाहे बच्चे हों या बड़े या फिर बुजुर्ग, सभी के बीच गार्डनिंग के इस शौक ने अपनी एक अलग ही जगह बना ली है। आज गार्डनिंग करने का यह शौक एक पैशन के रूप में भी लिया जाने लगा है। बारिश की रिमझिम में तो बागवानी का आनंद और भी बढ़ जाता है।

हरियाली किसको अच्छी नहीं लगती! वैसे देखा जाए, तो हरियाली से मनुष्य जीवन पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है। आजकल बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ बढ़ते प्रदुषण से स्वच्छ और साफ हवा लेना तो जैसे नामुमकिन-सा ही हो गया है। ऐसे में बागवानी ही एक ऐसा विकल्प बचता है, जिसकी मदद से आप स्वच्छ और साफ हवा ले सकते हैं।

अगर देखा जाए, तो आज केवल महानगरों में ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में भी फैलते फ्लैट सिस्टम से बागवानी के लिए उचित जगह नहीं मिल पाती। ऐसे में लोग चाहते हैं कुछ ऐसे पौधे, जो कम जगह घेरने के साथ-साथ घर में ही हरियाली लाएं! इस तकनीक को बोनसाई कहते हैं। इस समय तो मानसून भी शुरू हो चुका है। कहा जाता है कि मानसून एक सही समय होता है अच्छी बागवानी के लिए! लेकिन बागवानी के लिए सिर्फ पौधों को पानी या खाद ही देना जरूरी नहीं होता, बल्कि एक प्रॉपर और अच्छी बागवानी के लिए और भी कई बातों को ध्यान में रखना जरूरी होता है। तो, मानसून में आप किस तरह से बागवानी कर सकते हैं और मानसून एक बागवानी में आपका किस तरह से मददगार साबित हो सकता है, इन सब बातों को विस्तार से जानना जरूरी है।

  • मानसून है बागवानी हेतु गोल्डन पीरियड

अगर आपको बागवानी का शौक है, तो इसके लिए मानसून से अच्छा समय और कोई नहीं है! माना जाता है कि मानसून के मौसम में गर्मी के साथ नमी यानी उमस होती है, जो पौधे की जड़ों को अच्छी तरह फैलने में मदद करती है। अच्छी बागवानी के लिए मानसून का मौसम एक तरह का टॉनिक भी माना जाता है।

  • खाद का रखें ध्यान

मानसून के समय अपने पौधों में मॉस खाद का ज्यादा उपयोग करें। मानसून के मौसम में यह खाद पौधे के लिए अच्छी होती मानी जाती है।

  • कब-कब करें खाद में बदलाव?

मानसून के मौसम में अच्छी बागवानी के लिए महीने में कम-कम दो बार खाद को बदलें।

  • रोजाना दें पानी

अच्छी और हरी-भरी बागवानी के लिए अपने पौधों में रोज शाम को पानी दें! इसके लिए एक बात का खास ध्यान रखें कि आप दोपहर में पानी ना दें क्योंकि ऐसा करने से पौधे को ज्यादा तापमान मिलने की वजह से पौधा मर सकता है।

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