स्मार्ट बनो, शर्माना छोड़ो

किशोरावस्था में शर्मीला होना लाजमी है, लेकिन कहीं यह शर्मीलापन तुम्हारे व्यक्तित्व का हिस्सा न बन जाए। शर्माना छोड़ो, आत्मविश्वास बढ़ाओ, शर्मीलापन कोई समस्या नहीं। यह किसी भी नई परिस्थिति या नये व्यक्ति से मिलने से पहले खुद को तैयार करने के लिए बिल्कुल ठीक माना जाता है। लेकिन अकसर शर्मीलापन कुछ लोगों की सहजता या अपने आसपास का माहौल जैसा वे चाहते हैं, उसमें अड़चन पैदा करता है। कुछ लोग खुद को कम शर्मीला महसूस कराना चाहते हैं। इसी वजह से, वे ज्यादा से ज्यादा मेल-जोल बढ़ाने और लोगों के आसपास नजर आते हैं। शर्मीलेपन से बाहर निकलने के कुछ टिप्स…

  • थोड़े से शुरुआत

कम लोगों से शुरुआत करो, जिन्हें तुम जानते हो।सामाजिक व्यवहार जैसे आंखें मिलाना, आत्मविश्वास से भरा बॉडी इमेज, छोटी-छोटी बातचीत, प्रश्न पूछना और ऐसे लोगों को आमंत्रित करना जिनके साथ तुम सबसे ज्यादा सहज महसूस करते हो। साथ ही, मुस्कुराना भी सीखो।इस तरह से अपना आत्मविश्वास बढ़ाओ और अपने नये दोस्तों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार करने का प्रयास करो।

  • अभ्यास करो

कोई बात कहने से पहले अभ्यास करना भी बेहतर है। जब तुम किसी बात कहने की कोशिश करने के लिए तैयार होगे तो हो सकता है, तुम उसे अपने शर्मीलेपन की वजह से छोड़ दो, जैसे कोई फोन कॉल या कोई बातचीत, तुम क्या कहना चाहते हो इसे पहले से ही लिख लो। तेज-तेज बोलकर अभ्यास भी कर सकते हो, चाहो तो शीशे के सामने खड़े होकर भी अभ्यास कर सकते हो। इस बात की फिक्र बिल्कुल मत करो कि वह वैसा नहीं हो पा रहा है जैसा कि तुम अभ्यास कर रहे हो या फिर ज्यादा अच्छा नहीं हो पा रहा है।सबसे खास बात यह है कि तुम आत्मविश्वास बनाए रखो। जब अगली बार तुम अभ्यास करोगे तो तुम खुद को पहले से ज्यादा बेहतर पाओगे।

  • अवसर दो

ऐसी एक्टिविटीज वाले समूह में शामिल हो, जिसमें तुम्हारी दिलचस्पी वाले लोग हों। इस जगह नये लोगों के बीच तुम खुद को मेलजोल बढ़ाने का एक मौका दो और उन लोगों को धीरे-धीरे जानने की कोशिश करो। जो लोग शर्मीले होते हैं अकसर असफलता या फिर लोग उन्हें जज करेंगे जिनकी तुम्हें फिक्र रहती है। इस तरह की फिक्र और अनुभव के बावजूद तुम्हें प्रयास करते रहना चाहिए। खुद को अपना बेस्ट फ्रेंड मानकर व्यवहार करो। असफलता सोचने की बजाय खुद को प्रोत्साहित करने का प्रयास करो। सबसे अहम बात यह कि खुद के बारे में सोचो।

  • बातचीत करो

बातचीत की शुरुआत को पहले ही सोच लो।अकसर किसी नये व्यक्ति के साथ बातचीत शुरू करने से पहले यही सोचना पड़ता है कि शुरुआत कैसे की जाए। शुरू करने वाली बातें पहले सोच लो जैसे खुद का परिचय देना, तारीफ करना या फिर कोई प्रश्न पूछना। बातचीत शुरू करने के बाद किसी बात का जवाब देने के लिए खुद को तैयार रखो, ऐसा करने से किसी से बातचीत करना ज्यादा आसान हो जाएगा।

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