बारहवीं के बाद साइंस में जानिए कहां-कहां करियर

साइंस स्टूडेंट को करियर के चुनाव को लेकर चिंताए बढ़ने लगती हैं।

स्कूली शिक्षा के बाद छात्रों और अभिभावकों को करियर के चुनाव को लेकर चिंताए बढ़ने लगती हैं। एक तरफ जहां करियर की अपार संभावनाए हैं, वही दूसरी और कठिनाइयां भी कम नहीं हैं। ऐसे में यह और भी जरूरी हो जाता है कि हम जिस एरिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उसके बारे हर तरह से जानकारी रखते हों। किसी भी व्यक्ति को अपने करियर को चुनते समय कुछ जरूरी बिन्दुओं पर सोच विचार जरूर कर लेना चाहिए, ताकि समय न बर्बाद हो और निराश न होना पड़े।

➧ नौकरी या कार्य से संतुष्टि – आमतौर पर इस पहलु को लोग अनदेखा करते हैं कि उनकी रूचि किस क्षेत्र में है और उस कार्य में उनकी कितनी रूचि है। अगर करियर चुनते समय इस बात पर गौर किया जाए तो नौकरी के बाद उन्हें उस क्षेत्र में काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। जैसे कि कोई एक्टर बनना चाहता है, लेकिन उसमे एक्टर के गुण नहीं हैं तो ऐसा नहीं है कि वह इस क्षेत्र में अपना करियर नहीं बना सकता है । बस जरूरत है कि अपनी जगह बनाने के लिए निपुण व्यक्ति की तुलना में कही ज्यादा मेहनत और प्रयास करने की। अच्छा यही रहता है कि आप करियर सैलेक्शन से पहले अपनी काबिलियत और रूचि का मुलायंकन जरूर कर लीजिए।

➧ पसंद और नापसंद – सिर्फ यह देखकर कि आपका कोई दोस्त या रिश्तेदार किसी नौकरी में बहुत ज्यादा पैसे कमा रहा है, के आधार पर अपने करियर का चुनाव कभी कभी आपके लिए घातक साबित हो सकता है। क्योंकि यहां इंसान की पसंद और नापसंद काफी मायने रखती है। जरूरी नहीं है कि अगर एक इंसान एक फील्ड में सफल है तो आप भी हों। पसंद के कार्य में हम अपना 100 फीसदी दे सकते हैं, जो किसी भी सफलता के लिए जरूरी है। साइंस स्ट्रीम से 12वीं करने के बाद अक्सर स्टूडेंट्स डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी हैं जो डॉक्टर, इंजीनियर तो बनना नहीं चाहते, लेकिन उन्हें इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प भी समझ में नहीं आता है और करियर को लेकर संशय में रहते हैं। असल में साइंस एक बहुत बड़ी स्ट्रीम हैं, जिसमें एक या दो नहीं बल्कि ढेरों विकल्प हैं। हम यहां पर आपको कुछ ऐसे ही विकल्पों के बारे में बता रहे हैं जो आपको अपने करियर में एक अलग मुकाम हासिल करने में मदद करेंगे।

➤ नैनो-टेक्नोलॉजी: ग्लोबल इन्फॉर्मेशन इंक की रिसर्च के मुताबिक, 2018 तक नैनो टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के 3।3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। नैस्कॉम के मुताबिक 2015 तक इसका कारोबार 180 अरब डॉलर से बढ़कर 890 अरब डॉलर हो जाएगा। ऐसे में इस फील्ड में 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। 12वीं के बाद नैनो टेक्नोलॉजी में बीएससी या बीटेक और उसके बाद इसी सब्जेक्ट में एमएससी या एमटेक करके इस क्षेत्र में शानदार करियर बनाया जा सकता है।

➤ स्पेस साइंसः यह बहुत ब्रॉड फील्ड है। इसके तहत कॉस्मोलॉजी, स्टेलर साइंस, प्लैनेटरी साइंस, एस्ट्रोनॉमी जैसे कई फील्ड आती हैं। इसमें तीन साल की बीएससी और चार साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्स खास तौर पर इसरो और बेंगलुरू में कराए जाते हैं।

➤ एस्ट्रो-फिजिक्सः अगर आप सितारों और गैलेक्सी में दिलचस्पी रखते हैं तो 12वीं के बाद एस्ट्रो-फिजिक्स में रोमांचक करियर बना सकते हैं। इसके लिए आप चाहें तो पांच साल के रिसर्च ओरिएंटेड प्रोग्राम (एमएस इन फिजिकल साइंस) और चार या तीन साल के बैचलर्स प्रोग्राम (बीएससी इन फिजिक्स) में एडमिशन ले सकते हैं। एस्ट्रोफिजिक्स में डॉक्टरेट करने के बाद स्टूडेंट्स इसरो जैसे रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन में साइंटिस्ट बन सकते हैं।

➤ एनवायर्नमेंटल साइंसः इस स्ट्रीम में पर्यावरण पर इंसानी गतिविधियों से होने वाले असर का अध्ययन किया जाता है। इसके तहत इकोलॉजी, डिजास्टर मैनेजमेंट, वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट, पॉल्यूशन कंट्रोल जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। इन सभी सब्जेक्ट्स में एनजीओ और यूएनओ के प्रोजेक्ट्स बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में जॉब की अच्छी संभावनाएं हैं।

➤ वाटर साइंसः यह जल की सतह से जुड़ा विज्ञान है। इसमें हाइड्रोमिटियोरोलॉजी, हाइड्रोजियोलॉजी, ड्रेनेज बेसिन मैनेजमेंट, वॉटर क्वॉलिटी मैनेजमेंट, हाइड्रोइंफॉर्मेटिक्स जैसे विषयों की पढ़ाई करनी होती है। हिमस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए इस फील्ड में रिसर्चर्स की डिमांड बढ़ रही है।

➤ माइक्रो-बायोलॉजी: माइक्रो-बायोलॉजी की फील्ड में एंट्री के लिए बीएससी इन लाइफ साइंस या बीएससी इन माइक्रो-बायोलॉजी कोर्स कर सकते हैं। इसके बाद मास्टर डिग्री और पीएचडी भी का ऑप्शन भी है। इसके अलावा पैरामेडिकल, मरीन बायोलॉजी, बिहेवियरल साइंस, फिशरीज साइंस जैसे कई फील्ड्स हैं, जिनमें साइंस में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स अच्छा करियर बना सकते हैं।

➤ डेयरी साइंसः डेयरी प्रोडक्शन के क्षेत्र में भारत अहम देश है। भारत डेयरी प्रोडक्शन में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। डेयरी टेक्नोलॉजी या डेयरी साइंस के तहत मिल्क प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूशन की जानकारी दी जाती है। भारत में दूध की खपत को देखते हुए इस क्षेत्र में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की डिमांड बढ़ने लगी है। साइंस सब्जेक्ट से 12वीं करने के बाद स्टूडेंट ऑल इंडिया बेसिस पर एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद चार वर्षीय स्नातक डेयरी टेक्नोलॉजी के कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। कुछ इंस्टीटयूट डेयरी टेक्नोलॉजी में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी ऑफर करते हैं।

➤ रोबोटिक साइंसः रोबोटिक साइंस का क्षेत्र काफी तेजी से पॉपुलर हो रहा है। इसका इस्तेमाल इन दिनों करीबन सभी क्षेत्रों में होने लगा है। जैसे- हार्ट सर्जरी, कार असेम्बलिंग, लैंडमाइंस। अगर आप इस फील्ड में आना चाहते हैं तो इस क्षेत्र से जुड़े कुछ स्पेशलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं। जैसे ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्ड रोबोटिक्स सिस्टम। कम्प्यूटर साइंस से स्नातक कर चुके स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए योग्य माने जाते हैं। रोबोटिक में एमई की डिग्री हासिल कर चुके स्टूडेंट्स को इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में रिसर्च वर्क की नौकरी मिल सकती है।

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