ये तरीके से करें कंडोम का उपयोग, संबंध में मिलेगा दुगना मजा!

शारीरिक संबंध के दौरान कंडोम का इस्तेमाल

शारीरिक संबंध एक ऐसी चीज है जो लोगों के लिए नैचुरल थैरेपी की तरह काम करती है। लेकिन ये थेरेपी कई बार प्रेगनेंट होने की चिंता के कारण कारगर नहीं हो पाती। इसलिए शारीरिक संबंध को सुरक्षित तरीके से करने के लिए सभी लोग कंडोम का इस्तेमाल हैं। लेकिन कई बार कंडोम सही समय पर नहीं मिलने से शारीरिक संबंध का पूरा मजा किड़किड़ा हो जाता है। अगर कंडोम का इस्तेमाल करने के दौरान आपको भी समस्या होती है तो इन 5 तरीकों से कंडोम का इस्तेमाल करें। इससे आपके शारीरिक संबंध का मजा दुगना हो जाएगा।

हमेशा पास रखें कंडोम- ऐसा कई बार आपके साथ हुआ होगा कि आप दोनों फोरप्ले कर रहे हैं और धीरे-धीरे आप दोनों शारीरिक संबंध के चरम स्तर पर पहुंच गए हैं। तभी आपको कंडोम इस्तेमाल करने की याद आती है और आप कंडोम लेने के लिए दौड़ते हैं। ऐसे में कंडोम के लिए शारीरिक संबंध को बीच में छोड़ना आपके शारीरिक संबंध का पूरा मजा किड़किड़ा कर देगा। इसलिए कंडोम हमेशा अपने बिस्तर के पास टेबल पर रखेँ।

लुब्रिकेशन इस्तेमाल करें- कंडोम का इस्तेमाल तब और भी ज्यादा शारीरिक संबंध को किड़किड़ा कर देता है जब इसे पहनना मुश्किल हो जाता है। रबर जैसा होने के कारण कई लोगों को इसे पहनने में मुश्किल आती है। इस समस्या से बचने के लिए आप लुब्रीकेशन का इस्तेमाल करें। लुब्रिकेशन के द्वारा आप इसे आसानी से पहन सकते हैं।

कंडोम पतला हो- हमेशा शारीरिक संबंध के दौरान पतले से पतले कंडोम का इस्तेमाल करें। क्योंकि इससे आपके पार्टनर को दर्द कम होगा और पेनिट्रेशन का मजा अधिक मिलेगा। अगर आप शारीरिक संबंध को ज्यादा प्लेज़र बनाना चाहते हैं तो रिब्ड या स्ट्ड टेक्सचर वाले कंडोम का इस्तेमाल करें। इस तरह के कंडोम से कुछ ज्यादा घर्षण होता है जिससे शारीरिक संबंध का आनंद दोगुना होता है।

ट्राय करें डॉगी स्टाइल- कई बार शारीरिक संबंध के दौरान घर्षण कम होने से लोग शारीरिक संबंध का पूरा मजा नहीं ले पाते हैं। ऐसी समस्या उन लोगों को अधिक होती है जिनको प्रीमैच्युर इजाक्युलेशन की समस्या होती है। ऐसे लोगों को क्लासिक मिशनरी शारीरिक संबंध पोज़िशन में घर्षण कम होता है जिससे वे शारीरिक संबंध का पूरा मजा नहीं ले पाते हैं। ऐसे लोगों को स्पूनिंग और डॉगी स्टाइल ट्राई करना चाहिए क्योंकि इस पोज़िशन में हाई फ्रिक्शन होता है।

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