ये थे बॉलीवुड के चाइल्ड हिट स्टार्स लेकिन लीड रोल में रहें फ्लॉप

बॉलीवुड में कई ऐसे स्टार्स हैं, जिनका बॉलीवुड डेब्यू उनके जवान होने के बाद नहीं बल्कि बचपन में चाइल्ड एक्टर के तौर पर ही हो गया था। कई स्टार्स ऐसे भी हैं जो बचपन से लेकर जवानी तक सफलता की सीढ़ियां चढ़ते रहे हैं। साथ ही साथ अपनी मासूम मुस्कान और धमाकेदार एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाते रहे हैं।

फिर बात आमिर खान की हो या फिर ऋतिक रोशन की। लेकिन आज हम बात उन स्टार्स की करने वाले हैं जिन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्मों में काम किया। सभी ने उनका काम भी सराहा। मगर जब वहीं कलाकार बड़े होने के बाद किसी फिल्म का हिस्सा बने तो उन्हें वो सफलता नहीं मिल पाई जिसके वे हकदार थे।

कुछ की गिनती तो इनमें से फ्लॉप एक्टर्स में होने लगी। आज हम कुछ ऐसे ही एक्टर्स के बारे में बात करने वाले हैं।

उर्मिला मार्तोंडकर- कलयुग (1981) और मासूम (1983) में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अभिनय करने वाली उर्मिला ने भी बड़े होकर फिल्मों में काम किया। मगर बतौर हीरोइन उर्मिला को वो सफलता नहीं मिल पाई जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। हालांकि उर्मिला ने ‘रंगीला’, ‘सत्या’, ‘जुदाई’ जैसी फिल्मों में काम किया था।

इमरान खान- आमिर खान के भांजे और बॉलीवुड एक्टर इमरान खान ने आमिर खान की ही फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘जो जीता वही सिकन्दर’ में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया था। मगर जब बड़े होकर इमरान ने ‘किडनैप’, ‘लक’, ‘गौरी तेरे प्यार में’ जैसी फिल्मों में काम किया तो फिल्में फ्लॉप साबित हुई।

सना सईद- कुछ कुछ होता है’ में शाहरुख-रानी की बेटी का किरदार निभाने वाली सना सईद ने ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ और फुगली जैसी फिल्मों में काम किया है, लेकिन दर्शकों द्वारा उन्हें कुछ खास पसंद नहीं किया गया।

कुणाल खेमू-  हम है राही प्यार के’ , ‘राजा हिंदुस्तानी’ , ‘भाई’ , ‘जुड़वाँ’ जैसी हिट फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुके कुणाल खेमू ने बड़े होकर ‘ढोल’, ‘ट्रैफिक सिग्नल’, ‘धमाल’ जैसी फिल्मों में काम किया। मगर वो बात नहीं बन पाई।

हंसिका मोटवानी- ‘हवा’, ‘कोई मिल गया’, ‘जागो’ जैसी फिल्मों में चाइल्ड एक्टर के रूप में नजर आने वाली हंसिका मोटवानी आज तमिल और तेलुगू फिल्मों का बड़ा नाम है। लेकिन बॉलीवुड में वो सफलता नहीं प्राप्त कर पाई।

जुगल हंसराज- जुगल हंसराज ने 8 वर्ष की उम्र से अपना फिल्मी करियर शुरू किया था। 1983 में आई फिल्म ‘मासूम’ में उन्होंने लीड चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में नजर आए थे। लेकिन जब वे हीरो के रोल में फिल्मी पर्दे पर आए तो दर्शकों ने उन्हें कुछ खास पसंद नहीं किया।

ओंकार कपूर- जुड़वा’, ‘हीरो नंबर वन’ और जुदाई जैसी फिल्मों में बतौर बाल कलाकार अभिनय करने वाले ओंकार कपूर को आपने प्यार का पंचनामा 2 फिल्म में देखा होगा। इसमें उनकी एक्टिंग को कुछ खास पसंद नहीं किया गया।

आफताब शिवदासानी- आफताब शिवदासानी ने भी चाइल्ड एक्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। बचपन में ‘शहंशाह’ , ‘चालबाज’, ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी फिल्म में नजर आ चुके हैं, लेकिन हीरो के रोल में वे बिल्कुल नकार दिए गए।

आदित्य नारायण-  सिंगर उदित नारायण के बेटे आदित्य नारायण खुद फेमस बॉलीवुड सिंगर हैं। लेकिन सिंगिंग के अलावा वे बचपन में शाहरुख स्टारर ‘परदेस’ और सलमान खान स्टारर फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ में नजर आ चुके हैं। मगर जब बड़े होकर आदित्य ने एक फिल्म में काम किया तो असफलता हाथ लगी।

परजान दस्तूर- ‘कुछ कुछ होता है’, ‘जुबैदा’, ‘मोहब्बतें’ जैसी फिल्मों में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले परजान बड़े होने के बाद ‘ब्रेक के बाद’, ‘सिकंदर’, ‘परजानिया’ आदि फिल्मों में नजर आ चुके हैं। लेकिन दर्शकों ने उन्हें सिरे से नकार दिया।

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